गुरु
गुरु जिसने मुझे चलना सिखाया ,
सही गलत शब्दों की पहचान करवाया,
गुरु ने हमें आत्मविश्वास बनाया,
इस दुनिया में एक पहचान दिलवाया,
गुरु ने जात-पात से ऊपर उठकर हम सबको
एक समान बनाया ,
गुरु ने सच के लिए बोलना और सही राह में
चलना सिखाया,
गुरु ने हमारे गुण को निखार कर इस दुनिया में
एक नई पहचान दिलवाई,
गुरु सागर है ज्ञान का भंडार है,
उनके नूर से हर कोई रोशन है,
गुरु हर क्षेत्र में हमें सफल बनाता है,
जीवन में सही मार्ग दिखाता है,
गुरु ही है हर मुश्किल प्रस्थिति से लड़ना सिखाता है,
जिंदगी में जीत की राह दिखाता है,
गुरु ही है जो अंधेरे में भी हाथ पकड़ कर,
रोशनी की ओर ले जाता है ,
गुरु ही है भगवान समान हमारे ,
भविष्य को उज्जवल बनाता है,
गुरु शत-शत प्रणाम l
नेहा भगत
पानागढ़ बुधबुध पूर्व बर्दवान पश्चिम बंगाल

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