पुरे विश्व के साथ साथ पश्चिम बंगाल के शिल्पांचल मे भी मुसलमानों का पवित्र त्यौहार मुहर्रम पुरी श्रद्धा और अकीदत के साथ मनाया गया।
हालांकि इस साल कोरोना के कारण अन्य सालों की तरह सड़को पर श्रद्धालुयो की भीड़ नहीं दिखा। सरकार के स्वास्थ्य संबंधी नियमों का पालन करते हुए सोशल डिसटेनसिंग का पालन करते हुए ही मुहर्रम मनाया गया।
दरअसल मुहर्रम मुसलमानों के हिजरी कैलेडर के मुताबिक पहला महिना है । यह गम का त्यौहार है । इसी महीने हजरत इमाम हुसैन और हजरत हसन हुसैन को करबला में शहीद कीये जाने की याद मे यह त्यौहार मनाया जाता है।
पश्चिम बंगाल और भारत की गंगा जमनी तहजीब के मुताबिक मुहर्रम के पवित्र त्यौहार मे भी शिल्पांचल के सभी समुदायों के लोगों ने शिरकत करते हैं



















