सही गलत में अंतर सिखाया तुमको,
बिना हार माने आगे बढ़ना सिखाया तुमको,
बेशक, माँ बाप ने चलना सिखाया है मगर,
यह शिक्षक ही होते हैं जिन्होंने, अपने पैरों पर खरा होना सिखाया तुमको।
डगमगाती राहों पर संभलना सिखाया तुमको,
अपने फैसले खुद ले सको, इस काबिल बनाया तुमको,
बेशक, माँ बाप ने बोलना सिखाया है मगर,
यह शिक्षक ही होते हैं जिन्होंने, कहाँ क्या बोलना है यह सिखाया तुमको।
दुनिया धोखा देना सिखाती है, इन्होंने भरोसा करना सिखाया तुमको,
रौशन मंज़िल का रास्ता इन्होंने दिखाया तुमको,
बेशक, माँ बाप के सामने बुरा बताते हो इनको मगर,
यह शिक्षक ही होते हैं जिन्होंने, मौत से डरना नहीं बल्कि मौत से लड़ना सिखाया तुमको।
और यह क्या, हाथ बांध दिए तुमने इनके?
हाथ में कलम पकड़ाकर जिन्होंने लिखना सिखाया तुमको,
मगर फिर भी विश्वास है हमें कि तुम कोई गलत काम नहीं करोगे,
क्योंकि ज़िन्दगी के हर पहलु का मतलब, इन्होंने ही सिखाया तुमको।
बिप्लब झा
आसनसोल पश्चिम बंगाल