शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए भारत सरकार का शिक्षा मंत्रालय प्रतिवर्ष देश के सभी राज्यों के शिक्षकों को सम्मानित करता है और यह सम्मान भारत के राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रपति भवन में दिया जाता हैं। शिक्षा के क्षेत्र में यह सबसे बड़ा पुरस्कार है जिसे राष्ट्रपति पुरस्कार के नाम से भी जाना जाता है।
इस वर्ष भी राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए बंगाल के 2 शिक्षकों का चयन हुआ है पहला नाम दुर्गापुर के नेपाली पाड़ा हिंदी हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक डॉ कलीमूल हक और दूसरा नाम अलीपुरद्वार की मिशा घोषाल का है। इसकी घोषणा 10 दिन पहले ही हो चुकी थी।
कोरोना काल की इस विकट स्थिति में इस वर्ष पुरस्कार वितरण समारोह राष्ट्रपति भवन में नहीं हो पा रहा है। इस वर्ष यह पुरस्कार वर्चुअल कार्यक्रम के तहत जिले के जिला शासक कार्यालय में प्रदान किया गया।
पश्चिम बंगाल तृणमूल माध्यमिक शिक्षक समिति की ओर से डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट श्री राजीव मुखर्जी के नेतृत्व में जिला शासक कार्यालय में जाकर डॉक्टर कलीमूल हक और बंगाल शिक्षा रत्न से सम्मानित काजी निजामुद्दीन को संगठन की ओर से सम्मानित किया गया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई।
इस समारोह में मुख्य रूप से उपस्थित थे राजीव मुखर्जी मुकेश झा मोहम्मद इमरान श्रीकांत दास राजेश पासी जितेंद्र पांडे शुभाशीष मंडल और सुकुमार रोहिदास।




















































